महात्मा गांधी जी पर कविता Mahatma Gandhi Jaynti Hindi Poem

Gandhiji Kavita Essay in Hindi Gandhiji 10 Useful Principals

महात्मा गांधी जी पर कविता


महात्मा गांधीजी पर लिखी कविताएं अब तुम मान जाओ


  • अब तुम मान जाओ कि तुम मर चुके हो मोहनदास वरना बड़े-बड़ों की लाख कोशिशों के बावजूद

  • आज किसी गली से इकलौता पागल न गुजरता राम धुन गाते हुए गांधीवाद को यूं न घसीटा जाता सरेआम

  • आक्रोश को अहिंसा का मुखौटा पहनाते हुए न बेची जाती दो टके में ईमान, भरे बाजार में

  • तुम्हारे आदर्शों का चादर चढ़ाते हुए वरना दो अक्टूबर को ही केवल याद न किया जाता

  • तुम्हें दिलों में जिंदा रखने की झूठी कसमें खाते हुए यूं रोज हजार बार तुम्हें दफनाया जाता है

  • तुम्हें अभिदान के तख्ते पर चढ़ाते हुए इसीलिए अब मान जाओ कि तुम मर चुके हो मोहनदास

  • और यह वादा है हमारा कि हम चंद लम्हों में ही तुम्हारे वजूद को खत्म कर देंगे तुम्हारी जय-जयकार करते हुए

  • अब तुम मान भी जाओ कि तुम मर चुके हो मोहनदास।


कविता महात्मा गाँधी जी पर


  • भारत के सम्मान है गाँधी। इस युग कि पहचान हैं गाँधी।।

  • चौराहों पर खड़े है गाँधी। मैदानो के नाम है गाँधी।।

  • दीवारों पर टंगे है गाँधी। पढने -पढ़ाने में है गाँधी।।

  • राजनीति में भी है गाँधी। मज़बूरी का नाम हैगाँधी।।

  • टोपी कि एक ब्रांड है गाँधी। वोट में गांधी ,नोट में गाँधी।।

  • अगर नहीं मिलते तो वह है। जनमानस की सोच में गांधी।।


कविता महात्मा गांधी

  • गांधी जी ने की थी जो लड़ाई,

  • न मारी किसी को गोली न दी गाली….

  • प्रेम और अहिंसा के बल से,

  • दिला दी उन्हों ने आजादी….

  • चले गए अंग्रेज छोड़ के ये देश ,

  • बापू हो गये दुनिया के प्यारे….

  • बापू ने बोली ग़ली -ग़ली पर एक ही बोली,

  • हिन्दुस्थान हमारा सबसे न्यारा….

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